बरेली में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, दो साल में 200 बदमाश घायल, 479 की हिस्ट्रीशीट खुली!
बरेली। जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने पिछले दो वर्षों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अपराधियों पर शिकंजा कसा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य के नेतृत्व में मुठभेड़ों, गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई और सतत निगरानी के जरिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों में कानून का भय बढ़ा है और अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में हुई विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान 200 अपराधी घायल हुए हैं, जबकि दो कुख्यात अपराधी पुलिस कार्रवाई में मारे गए। दोनों पर गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के आरोप थे और वे लंबे समय से वांछित चल रहे थे।
अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने इस अवधि में 479 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली है। इसके साथ ही संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 104 नए आपराधिक गिरोहों का पंजीकरण और अभिलेखीकरण किया गया। पुलिस ने 16 लोगों को माफिया के रूप में चिन्हित किया है, जबकि 42 गैंगस्टरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अपराधियों के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव को समाप्त करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है। इसके तहत गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति जब्ती, निगरानी और प्रभावी कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुठभेड़ों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 22 अपराधी इज्जतनगर थाना क्षेत्र में घायल हुए। इसके बाद बारादरी थाना क्षेत्र में 19, भोजीपुरा में 15 और आंवला क्षेत्र में 14 अपराधी पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए।
अपराध की प्रकृति के आधार पर देखा जाए तो मुठभेड़ों में घायल हुए आरोपियों में 45 गोकशी, 39 लूट, 24 हत्या, 21 चोरी और 11 डकैती के आरोपी शामिल हैं। इसके अलावा चेन स्नेचिंग के नौ आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की।
एसएसपी ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब कारोबार, सट्टा, जुआ और अन्य संगठित अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रभावी विवेचना और अदालतों में मजबूत पैरवी के चलते कई अपराधियों को कठोर सजा दिलाने में भी सफलता मिली है।
पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल मुठभेड़ों पर ही नहीं, बल्कि निगरानी, गैंगस्टर कार्रवाई, हिस्ट्रीशीट प्रबंधन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ काम किया जा रहा है, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।
