बीमा के बाद संदिग्ध मौतों की जांच और अलग जांच एजेंसी गठन की मांग
सामाजिक संगठन गरीब शक्ति दल ने देश में बढ़ते अपराधों और बीमा से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि बीमा कराने के बाद कई मामलों में बीमाधारकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो रही है, जिससे नॉमिनी को आर्थिक लाभ मिल रहा है। इसे लेकर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई गई है।
संगठन प्रमुख मनोज विकट ने कहा कि अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इन घटनाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि बीमा के बाद हुई मौतों की गहन जांच कराई जाए तथा पिछले 25 वर्षों के मामलों की समीक्षा की जाए।
संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया—
हर जिले में पुलिस से अलग स्वतंत्र न्यायिक जांच एजेंसी (SIT) का गठन
बीमा क्लेम से पहले मौत के कारणों की अनिवार्य और निष्पक्ष जांच
बीमा कंपनियों और एजेंटों की कार्यप्रणाली की सख्त निगरानी
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बिना उचित जांच के बीमा राशि का भुगतान संभावित रूप से अपराध को बढ़ावा दे सकता है। इस संबंध में संगठन ने भारत के राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी बरेली को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में मनोज विकट, गिरीश चंद्र सक्सेना, संजीव सागर, गगनभान जैन, यतीश, चमेली देवी, उषा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
